तालिबान वार्ता की आशाओं के मद्देनज़र, अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती विस्फोट से 63 की मौत

काबुल का वो वेडिंग हॉल जिसमे 63 लोगो की मौत हुयी और 250 कुल घायलों की संख्या गयी/ फोटो: एफ टी

शनिवार की रात हमला तालिबान के द्वारा हुआ ऐसे वक़्त में हुआ जब अमेरिका अफगानिस्तान की अमेरिकी समर्थित सरकार के साथ सुरक्षा और शांति वार्ता पर तालिबान की प्रतिबद्धता के बदले अमेरिकी सेना की वापसी पर एक समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहा है।

तालिबान ने जिम्मेदारी से इनकार किया और पश्चिम काबुल वेडिंग हॉल में हुए विस्फोट की निंदा की, जहाँ एक अल्पसंख्यक शिया समुदाय शादी का जश्न मना रहे लोगों के साथ खचाखच भरा था।

हताहतों में महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या है, आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा, की हताहत हुए परिवार काबुल के भीड़-भाड़ वाले कब्रिस्तानों में अपने प्रियजनों के लिए ठिकाना ढूंढते रहे।

राष्ट्रपति अशरफ घनी ने कहा कि दोषी आतंकवादी इन “बर्बर” हमले के लिए बच नहीं सकते।

उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, “तालिबान जो आतंकवादियों को मंच प्रदान करता रहा है, वो किसी और को दोष नहीं दे सकता।”

यह विस्फोट शुक्रवार को पाकिस्तान की एक मस्जिद पर हुए बम हमले के बाद हुआ, जिसमें तालिबान नेता हैबतुल्ला अखुंदादा के भाई की मौत हो गई थी। उस विस्फोट की जिम्मेदारी भी किसी ने नहीं ली, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 20 घायल हो गए थे।

सोशल मीडिया पर मौजूद काबुल धमाके की तस्वीरों के दृश्य में शादी के हॉल में पड़ी मेजों और कुर्सियों के बीच बिखरे शव दिखाई दिए, जिनमें कालीन पर गहरे खून के धब्बे थे।

दूल्हा और दुल्हन दोनों बच गए।

मिरवाइज़ के रूप में पहचाने जाने वाले दूल्हे ने टोलन्यूज़ चैनल को बताया, “मैं कितना भी प्रयास कर लूँ इस घटना को कभी नहीं भूला सकता।”

उसने कहा कि उसका चचेरा भाई और कुछ दोस्त मारे गए थे।

“मैं अंत्येष्टि में नहीं जा सकता, मैं बहुत कमजोर महसूस कर रहा हूं … मुझे पता है कि यह अफगानों के लिए आखिरी दुख नहीं होगा, दुख जारी रहेगा।”

दुल्हन के पिता ने कहा कि उनके परिवार के 14 सदस्य मारे गए।

काबुल में वेडिंग हॉल एक बड़ा व्यवसाय बन गया है क्योंकि अफगान अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और परिवार उत्सव पर अधिक खर्च करते हैं। बड़े, चमकते हुए हॉल अब शहर की कुछ उपनगरीय सड़कों की कतार में हैं, और बमवर्षकों ने उन्हें पहले निशाना बनाया है।

नवंबर में काबुल में एक शादी-हॉल विस्फोट में कम से कम 40 लोग मारे गए थे।

इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी अफगानिस्तान में भी सक्रिय हैं और उन्होंने कस्बों और शहरों में खूनी हमले किए हैं, जिसके निशाने पर अल्पसंख्यक शिया समुदाय के सदस्य हैं।

इस लेख में व्यक्त किए गए विचार और राय लेखक के हैं और जरूरी नहीं कि द कूटनीति टीम के विचारों को प्रतिबिंबित करें

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